एफ एल एन मेला में माताओं ने जाना बच्चों के बुनियादी कौशल
एफएलएन मेला में माताओं ने जाना बच्चों के बुनियादी कौशल
एफएलएन मेला न केवल बच्चों को सिखाता है, बल्कि उन्हें सीखने के प्रति उत्साहित भी करता है- अभिभावक
छिन्दवाड़ा- बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने जिसमे अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदार बनाने के लिए को शिक्षा को रुचिकर के बच्चों को बनाने खेल और गतिविधियो में शामिल होने के लिए बच्चों के साथ अभिभावक – बच्चों के साथ पहुंचे। कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों के लिए बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान का एफएलएन मेले में आयोजन किया गया।
जहां स्कूलों – में लगे स्टॉलों की बौद्धिक और शैक्षणिक क्षमताओं को बच्चों के साथ समझा किये । स्कूल प्रांगण ने 6 स्टॉल लगाए गए। जहां बच्चों ने कई गतिविधियों में भाग लिया। इनमें शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियां शामिल थीं। मेले का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की पढ़ने-लिखने और गणित की मूलभूत क्षमताओं का आकलन करना था।
इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भाषा विकास का भी मूल्यांकन किया गया। कौशल आधारित गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों ने बच्चों की बौद्धिक और शैक्षणिक क्षमताओं को परखा। मेले में अभिभावकों को भी शामिल किया गया। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के बौद्धिक ज्ञान के बारे में बताया गया। बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान को समझने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए अभिभावकों को टिप्स दिए गए।
कार्यक्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के एफएलएन जिला प्रभारी ने श्याम कोलारे ने शासकीय प्राथमिक शाला चारगांव प्रहलाद, झिरलिंगा, झिरलिंगा ढाना, रोहनाखुर्द एवं कुदवारी के विद्यालय के एफएलएन मेला में शामिल हुए एवं बच्चों की गतिविधियां देखा। इन्होंने अपने सम्बोधन में बताया कि सभी बच्चों के अभिभावकों को मेले में शामिल करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अभिभावक अपने बच्चों की प्रगति को समझ सकें। साथ ही उन्हें घर पर भी सीखने के लिए प्रोत्साहित कर सकें। उन्होंने कहा कि एफएलएन मेला बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह मेला न केवल बच्चों को सिखाता है, बल्कि उन्हें सीखने के प्रति उत्साहित भी करता है। बच्चों को सीखने के प्रति रुचि पैदा होती है।
शासकीय हाई स्कूल चारगांव प्रहलाद के आयोजन में, एपीसी भानु गुमास्ता, संस्था प्राचार्य अजय शर्मा, ग्राम सरपंच श्रीराम यादव, सहित समस्त शिक्षक गण, एवं अभिभावक उपस्थित हुए।
अभिभावकों ने मेला के बारे में कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को सीखने के प्रति रुचि पैदा करता है तो वहीं इससे उनका बौद्धिक विकास होता है। अक्सर देखने में आता है कि बच्चे मोबाइल में लगे रहते हैं, ऐसे में एफएलएन मेला बच्चों के बौद्धिक विकास को विकसित करने का एक सशक्त माध्यम बना है। जो उन्हें ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
साभार
श्याम कुमार कोलारे
छिन्दवाड़ा