हर साल इस दरगाह पर जन्माष्टमी और उर्स के मौके पर तीन दिन तक लगता है मेला
विशेष संवाददाता एवं ब्यूरो
क्या आप जानते हैं ..?
*झुंझुनूं जिले की इस दरगाह में मनाया जाता है जन्माष्टमी का त्यौहार. 3 दिन तक भरता है मेला
जी हाँ हम बात कर रहे हैं राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नरहड़ दरगाह की। जहां जन्माष्टमी पर तीन दिन का मेला आयोजित होता है। यहां हर साल हिंदू-मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग बड़ी संख्या में आते हैं।
नरहड़ पीर बाबा की इस दरगाह में लोग अपनी मन्नतें मांगते हैं और धार्मिक रीति-रिवाज पूरे करते हैं। कहा जाता है कि यहां की मिट्टी चमत्कारी है।
जन्माष्टमी के मौके पर यहां तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में हिन्दू श्रद्धालु बाबा के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। नरहड़ पीर बाबा, जिनका वास्तविक नाम सैयद अलाउद्दीन अहमद था, अजमेर के प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे।
कहा जाता है कि यह दरगाह ख्वाजा साहब की दरगाह से भी पुरानी है। हर साल जन्माष्टमी और उर्स के मौके पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु आते हैं। यह दरगाह हिंदू मुसलमान दोनो मजहब की एकता का प्रतीक माना जाता है।
संवाद;पिनाकी मोरे,
मीडिया केसरी