इस तरह मोदी के दोस्त ने खोली EVM की पोल

विशेष
संवाददाता

ट्रंप ने खोल दी EVM की पोल..बैलेट पेपर से हो तो हर चुनाव हारेगी BJP

मोदी का दोस्त डोनाल्ड ट्रंप ने तो EVM की पोल खोल कर रख दिया। उसने कहा कि EVM में झोल है। अगर चुनाव कराने का कोई सही तरीका है तो सिर्फ बैलेट पेपर।

ट्रंप ने EVM की निष्पक्षता को चुनौती देते हुए कहा कि हमने जीवन में एक से बढ़कर एक कंप्यूटर के स्पेशलिस्टों से बात कर ली, सबने यही कहा कि EVM( इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन) पर विश्वास नहीं किया जा सकता। यानी EVM के साथ छेड़छाड़ कर किसी को भी जिताया जा सकता है।

इस बात में कोई शक नहीं है कि अमेरिका आज भी टेक्नोलॉजी के मामले में सुपर पावर है। मगर आज भी वहां वोटिंग बैलेट पेपर से होता है, मशीन से नहीं। अब खुद उसी देश का मुखिया कह रहा है कि EVM विश्वास करने लायक नहीं है!

आज 2014 के बाद से लगातार चुनाव रिजल्ट में धांधली की खबरें आ रही हैं। BJP के केंडिडेट वहां भी जीत जा रहे हैं, जहां की जनता सड़क पर उतरकर खुद कह रही है कि हम लोगों ने तो BJP को वोट दिया ही नहीं।

आज हालत ऐसी है कि जनता बटन दबाती है हाथ की, पर्ची निकलती है कमल की।
जनता बटन दबाती है साइकिल की, पर्ची निकलती है कमल की।
आप बटन किसी का दबाइये, वोट कहीं डालिए.मगर वोट जाएगा सिर्फ कमल को।

मगर EVM की शिकायत पर भारत का केचुआ (इलेक्शन कमीशन) कार्रवाई करने के नाम पर विपक्षी पार्टियों को सिर्फ शायरी सुनाता है। इलेक्शन कमीश्नर जैसे अधिकारी EVM के सपोर्ट में ऐसी पैरवी करते हैं, जैसे ये लोग खुद बहुत बड़े वैज्ञानिक हों। जबकि दुनिया जानती है कि जब नासा की वेबसाइट हैक हो सकती तो EVM तो बहुत छोटी चीज है।

हकीकत तो ये है कि भारत का इलेक्शन कमीशन तो सरकार का गुलाम हो चुका है। उसे चुनाव की निष्पक्षता और लोकतंत्र की सुरक्षा से कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए अब लोकतंत्र को बचाने के लिए देश के लोगों को EVM के खिलाफ लड़ना होगा। क्योंकि ये EVM ही लोकतंत्र की असली दुश्मन है। इसके रहते जनता के वोट का कोई मतलब नहीं।

मैं लिखकर दे रहा हूं कि BJP और मोदी का सारा चमत्कार इसी EVM में बंद है। जिस दिन भारत में EVM बंद, उसी दिन BJP का चमत्कार भी बंद। जीत भी बंद ।
संवाद;पिनाकी मोरे

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